डोलीबेन देसाई संस्थान में ग्रीनमैन विरल देसाई द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

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सूरत: ग्रीनमैन के तौर पर जाने जाने वाले और राष्ट्रपति अवार्ड विजेता उद्यमी विरल देसाई द्वारा डोलीबेन देसाई संस्थान, पलसाना में ‘सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज’ पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। संगोष्ठी में सूरत जीपीसीबी के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. जिज्ञासा ओझा भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

इस संगोष्ठी में विरल देसाई ने संस्थान के छात्रों को पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के महत्व और इस दृष्टिकोण को अपनी जीवन शैली में कैसे पिरोया जाए इस बारे में कई दिलचस्प बातें बताईं। उन्होंने छात्रों को वैश्विक जलवायु परिवर्तन की स्थिति के बारे में भी निर्देशित किया और बताया कि कैसे भारत के युवा दुनिया की मदद कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि ‘जैसे लोग स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए और स्वतंत्रता सेनानी बने, वैसे ही आपको प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना होगा और ‘पर्यावरण सेनानी’ बनना होगा।

डॉ. जिज्ञासा ओझा ने छात्रों को प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित कुछ तकनीकी मुद्दों के बारे में बताया। इस संगोष्ठी के दौरान डोलीबेन देसाई संस्थान के तीन सौ विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रभारी प्राचार्य डॉ. भाविका देसाई ने दोनों गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि वह और उनके छात्र जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में हमेशा मजबूती से खड़े रहेंगे।

गौरतलब है कि ‘सत्याग्रह अगेंस्ट पॉल्यूशन एंड क्लाइमेट चेंज’ आंदोलन के तहत ग्रीनमैन विरल देसाई के एनजीओ हार्ट्स एट वर्क फाउंडेशन और जीपीसीबी सूरत के बीच एक एमओयू साइन हुआ है, जिसके तहत अब तक पचास हजार से ज्यादा छात्र इस विशाल जागरूकता अभियान में शामिल हो चुके हैं। वहीं, इस अभियान के तहत दो लाख से अधिक पौधे लगाने का भी लक्ष्य रखा गया है।