सूरत के उद्यमी छह सालों से ट्री गणेशा की स्थापना कर दे रहे हैं पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गरवी गुजरात

सूरत। शहर के युवा उद्यमी और ग्रीन मैन के तौर पर विख्यात पर्यावरण प्रेमी विरल देसाई ने लगातार छठवीं बार ट्री गणेशा की स्थापना की है। वे गणेश उत्सव को भक्ति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण जागृति अभियान के रूप में भी मानते आ रहे हैं। उनकी ओर से मनाया जाने वाला ट्री गणेश उत्सव सूरत ही नहीं दक्षिण गुजरात के युवा और बच्चों में काफी लोकप्रिय है। दस दिनों तक ग्रीन मैन विरल देसाई की ओर से विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता, पर्यावरण के संरक्षण विषय पर संवाद कर उन्हें पर्यावरण सेनानी बनाया जाता है।

हर साल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई नई थीम के लिए जाने जाना वाले ट्री गणेशा की इस बार की थीम अमृत पथ रखी गई है। जिसमें केंद्र सरकार की ओर से बीते दस सालों में पर्यावरण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी विद्यार्थी और पर्यावरण प्रेमी युवाओं को दी जा रही है। ट्री गणेशा के पंडाल में प्रवेश करते ही एक विशाल वृक्ष की डालियों में स्थापित गणेशजी के दर्शन होते हैं।वृक्ष प्रतिमा का सर्जन कर संदेश दिया गया है कि हमारे आस पास के पेड़ पौधे काफी महत्वपूर्ण है। पेड़ मानव जीवन की आत्मा और प्राण है। पेड़ हवा से प्रदूषण को कम करते हैं। खास तौर पर वृक्ष में गणेश जी की स्थापना कर नदी, सरोवर और तालाबों के पानी को स्वच्छ रखना हमारी जिम्मेदारी है।

मुख्य मंच के पास एक बड़े होर्डिंग्स पर लिखा गया है कि ” सेफ इंडिया , क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया” इस गणेश पंडाल में 360 डिग्री पर पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिया गया है। जहां सिर्फ भूमि ही नहीं, बल्कि पानी, हवा और ग्लोबल क्लाइमेट के शुद्धिकरण पर जोर दिया गया है। ग्रीन मैन विरल देसाई ने पंडाल के दोनों ओर की दीवारों पर भारत सरकार ने बीते दस सालों में पर्यावरण को केंद्र में रखकर किए कार्यों की आंकड़ों के साथ जानकारी दर्शाई है। जिसमें नमामि गंगे प्रोजेक्ट से लेकर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम व मिशन लाइफ, बिग केट अलायन्स जैसी केंद्र सरकार की उपलब्धियों की झांकी दर्शाई गई है।

इस साल ट्री गणेशा के साथ राज्य सरकार के तीन विभाग भी शामिल हुए हैं। जिसमें सूरत पुलिस, गुजरात वन विभाग और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल हैं। विरल देसाई ने बताया  कि ट्री गणेशा गणेश उत्सव के दौरान एक महत्वपूर्ण ब्रांड बन गया हो इस तरह लोकप्रियता देखी जा रही है। यहां दस दिनों तक हजारों विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। इस अभियान में सरकार के विभिन्न विभाग भी शामिल हुए हैं उसका हमे गर्व है।